चमकती त्वचा के लिए योग | Yoga for Glowing Skin

 चमकती त्वचा के लिए योग | Yoga for Glowing Skin

आज के इस दौर में हर एक व्यक्ति सुंदर कोमल एवं चमकदार त्वचा पाना चाहता है | जिसके लिए लोग कई तरह की कॉस्मेटिक क्रीम का प्रयोग करने लगते हैं जो हमारी त्वचा के लिए हानिकारक हो सकता है |

लेकिन सुंदर त्वचा के लिए योग एक ऐसा माध्यम है | जिससे त्वचा को चमकदार सुंदर एवं कोमल बनाया जा सकता है | योग एक ऐसा माध्यम है जो हमें शारीरिक एवं मानसिक दोनों रूप से स्वस्थ रखता है | जिसका प्रभाव हमारी त्वचा पर पड़ता है |

योग के द्वारा संपूर्ण शरीर में रक्त का परिसंचरण सही रूप में होता है | शरीर के सभी विषाक्त तत्व को बाहर करने में सहायता प्रदान करता है | जिससे हमारी सुंदर कोमल त्वचा निखरने लगती है |

यहां पर ग्लोइंग स्किन के लिए कुछ योगाभ्यास बताए गए हैं | जिनमें आसन प्राणायाम शामिल है | इस योगाभ्यास के निरंतर प्रयास से सुंदर एवं चमकदार त्वचा पाई जा सकती है |

चमकती त्वचा के लिए योग | Yoga for Glowing Skin

 

धनुरासन

विधि

धनुरासन का अभ्यास करने के लिए सर्व प्रथम मैंट बिछाकर पेट के बल लेट जाएं | अब अपने दोनों घुटनों को मोड कर अपने दोनों हाथों से टखनों को पकड़े

अब अपने शरीर के आगे वाले भाग को अर्थात छाती और सिर को सांस लेते हुए ऊपर उठाएं |

अब अपनी दोनों जांघों को भी ऊपर उठाएं इस प्रकार आपका शरीर धनुष की आकृति के समान दिखाई देगा |

अब इस स्थिति में अपनी क्षमता के अनुसार कुछ देर रुके |

इसके पश्चात सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे अपनी सामान्य स्थिति में वापस आ जाए |

इस प्रकार दो से तीन बार आप इस आसन का अभ्यास कर सकते हैं |

लाभ

धनुरासन के नियमित अभ्यास से शरीर के वजन को नियंत्रित करने के साथ-साथ पाचन क्रिया सुचारू रूप से कार्य करने लगती है | यदि पाचन संस्थान स्वस्थ एवं सुचारू रूप से कार्य करता है तो शरीर के कई रोग नष्ट होते हैं |

त्वचा से संबंधित रोग फोड़े फुंसी आदि होने की संभावना कम होने लगती है | जिससे हमारी त्वचा पर निखार आता है | त्वचा को चमकदार बनाने के लिए हमें धनुरासन का नियमित अभ्यास दो से तीन बार करना चाहिए |

 

सर्वांगासन

विधि

इस आसन का अभ्यास करने के लिए सर्वप्रथम मैट पर पीठ के बल लेट जाएं |

अपने दोनों हाथों को सीधा रखें हथेलियों को आसमान की ओर रखें |

अब अपने दोनों पैरों को कमर के पास से ऊपर की ओर उठाने का प्रयास करें |

अब अपने दोनों हाथों के सहायता से कमर को पूरी ऊंचाई में उठाने का प्रयास करें | रीड की हड्डी कमर और पैर एक सीध में होने चाहिए |

इस स्थिति में आपका पूरा वजन कंधों पर होगा | जिससे पेट को सीधे रखने में सहायता मिलती है |

इस प्रकार इस स्थिति में कुछ देर अपनी क्षमता के अनुसार रुके इसके पश्चात पुनः अपने सामान्य स्थिति में धीरे-धीरे वापस आ जाएं |

लाभ

इस आसन का नियमित रूप से तीन से चार बार अभ्यास करने से त्वचा में जिन लोगों को फोड़े फुंसी पिंपल की समस्या है या जिनके चेहरे पर झुर्रियां हैं रूखापन है ऐसी समस्या आसन के अभ्यास करने से दूर की जा सकती है और त्वचा में निखार लाया जा सकता है |

 

भुजंगासन

विधि

भुजंगासन का अभ्यास करने के लिए सर्वप्रथम मैट पर पेट के बल लेट जाएं |

अब अपने दोनों हाथों को अपने दोनों कंधों के बगल में हथेली के सहारे रखें |

अब अपने सिर को सांस लेते हुए छाती तक के हिस्से को ऊपर की ओर उठाएं

अपनी क्षमता के अनुसार कुछ समय तक इस स्थिति में रुके |

इसके पश्चात धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए अपनी सामान्य स्थिति में आ जाएं |

लाभ

इस आसन के नियमित रूप से अभ्यास करने से हमारे शरीर में जो भी विषाक्त तत्व जहरीले पदार्थ हैं | वह बाहर निकलते हैं जिससे हमारी त्वचा पर प्रभाव पड़ता है | इससे हमारी त्वचा ग्लो करने लगती है | शरीर की त्वचा संबंधी सभी रोगों का निवारण करने के लिए भुजंगासन विशेष माना गया है |

 

 

हलासन

विधि

इस आसन का अभ्यास करने के लिए सर्वप्रथम मैट पीठ के बल लेट जाएं |

अब अपने दोनों पैरों को घुटने से बिना मोडे कमर के हिस्से से ऊपर की ओर उठाते हुए सिर के और लाने का प्रयास करें |

अब अपने दोनों पैरों को सर के पीछे ले जाकर जमीन में स्पर्श कराएं इस स्थिति में आप अपने हाथों का सहारा ले सकते हैं | जिससे इस आसन का अभ्यास करने में सरलता होगी |

अपनी क्षमता अनुसार कुछ समय इस स्थिति में रुके हैं | इसके पश्चात वापस अपनी सामान्य स्थिति में आ जाए |

लाभ

इस आसन का अभ्यास करने से चेहरे और मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है | जिससे त्वचा में ढीलापन कम होने लगता है | साथ ही झुर्रियों एवं मुहांसों की समस्या को दूर करता है एवं त्वचा को चमकदार बनाता है |

सूर्य नमस्कार

प्रतिदिन प्रातः काल नियमित रूप से व्यक्ति सूर्यनमस्कार के सभी आसनों का अभ्यास करते हैं उनके लिए त्वचा से संबंधित समस्याओं से छुटकारा पाने में बहुत सहायता मिलती है

सूर्य नमस्कार के अभ्यास से शरीर के सभी जहरीले तत्व बाहर निकलते हैं और यह हमें पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन एवं विटामिन प्रदान करता है | जिससे हमारी त्वचा में चमक आती है एवं त्वचा में जमीन हुई चर्बी जैसे डबल चिन होना |

यह समस्या भी समाप्त हो जाती है और त्वचा प्राकृतिक रूप से ग्लो करने लगती है | जिससे हमारी त्वचा सुंदर एवं चमकदार बनती है |

 

प्राणायाम

प्राणायाम का अभ्यास हमें शारीरिक रूप से तथा मानसिक दोनों रूप से स्वस्थ बनाता है | जो व्यक्ति प्राणायाम का नियमित रूप से अभ्यास करते हैं उनके मन मस्तिष्क शांतएवं तनाव मुक्त करते हैं एवं अनिद्रा की समस्याओं को भी दूर करता है |

जिससे हमारे त्वचा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और हमारी त्वचा चमकदार बनती है | त्वचा से संबंधित रोग जैसे कील, मुंहासे, झुर्रियां पड़ जाना ऐसी समस्याओं को प्राणायाम के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है एवं प्राणायाम का नियमित अभ्यास हमारे त्वचा में ताजगी लाता है तथा प्राकृतिक रूप से त्वचा साइन करने लगती है |

इनमें से कुछ प्राणायाम प्रमुख है जो त्वचा को चमकदार बनाने में सहायता प्रदान करते हैं जैसे कपालभाति प्राणायाम, भस्त्रिका प्राणायाम, शीतली एवं शीतकारी प्राणायाम |

इस प्रकार योग के अभ्यास से त्वचा को चमकदार सुंदर बनाया जा सकता है परंतु इसके लिए व्यक्ति को नियमित रूप से योग का अभ्यास करना होगा | साथ ही यौगिक आहार को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करें | यह हमें हेल्थी त्वचा के लिए बहुत लाभदायक है |

खाना खाने के तुरंत बाद सोना नहीं चाहिए | तैलीय पदार्थ खट्टे मसालेदार पदार्थों का सेवन नहीं करें |

पहले सामान इलाज खाने के बीच में पानी ना पीना खाना खाने के या तो 1 घंटे या 45 मिनट पहले पीना या 45 मिनट बाद पानी पीना गर्म हल्का सा गर्म पानी पीना खाना खाने के बाद या पहले अपनी जीवनशैली में बदलाव कर

 

कपालभाती 

 

 

 

 

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